साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। ❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह भी जान सके और https://baglamukhi76295.madmouseblog.com/20186456/business-growth-can-be-fun-for-anyone